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OverviewAbout the book पुरवाई एक भावनात्मक और आत्मीय कविता संग्रह है, जो प्रेम, विरह, स्मृतियों और जीवन के सूक्ष्म एहसासों को बेहद कोमल भाषा में प्रस्तुत करता है। 'पुरवाई'-पूरब से बहने वाली हवा-यहाँ मन की उन भावनाओं का प्रतीक है, जो चुपचाप भीतर से गुजरती हैं और आत्मा को छू जाती हैं। यह संग्रह तीन भावनात्मक चरणों, बसंत, सावन और पतझड़, में विभाजित है, जो प्रेम की शुरुआत, उसकी गहराई और अधूरेपन की पीड़ा को दर्शाते हैं। कविताएँ कभी प्रकृति से संवाद करती हैं, तो कभी अकेलेपन, इंतज़ार और स्मृतियों को स्वर देती हैं। सरल लेकिन प्रभावशाली हिंदी-उर्दू मिश्रित भाषा में लिखी ये कविताएँ पाठक को अपने ही अनुभवों से जोड़ देती हैं। पुरवाई उन सभी के लिए है, जो कविता में शब्दों से अधिक भावनाएँ खोजते हैं। About the Author नवजोत कौर एक संवेदनशील और भावप्रधान कवयित्री हैं, जिनकी कविताएँ प्रेम, प्रकृति और मानवीय अनुभूतियों की गहराई को सहज शब्दों में व्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी जीवन के साधारण क्षणों को भावनात्मक विस्तार देती है। हिंदी और उर्दू के सुंदर मेल से सजी उनकी भाषा सरल होते हुए भी गहरा प्रभाव छोड़ती है। पुरवाई उनका पहला कविता संग्रह है, जिसमें उन्होंने अपने भीतर बहती भावनाओं को शब्दों का रूप दिया है। उनकी रचनाएँ पाठकों को ठहरने, महसूस करने और आत्मसंवाद करने का अवसर देती हैं। Full Product DetailsAuthor: Navjot KaurPublisher: Storymirror Infotech Pvt Ltd Imprint: Storymirror Infotech Pvt Ltd Dimensions: Width: 13.30cm , Height: 0.60cm , Length: 20.30cm Weight: 0.109kg ISBN: 9789360702724ISBN 10: 9360702722 Pages: 96 Publication Date: 20 January 2026 Audience: General/trade , General Format: Paperback Publisher's Status: Active Availability: Available To Order We have confirmation that this item is in stock with the supplier. It will be ordered in for you and dispatched immediately. Language: Hindi Table of ContentsReviewsAuthor InformationTab Content 6Author Website:Countries AvailableAll regions |
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